श्री अन्ना हजारे और पुजय्नीय स्वामी अग्निवेश को देखकर ऐसा लगा जैसे गाँधी जी और स्वामी विवेकानंद जी को देख लिया हो,मुझे लगता है जिन लोगो ने गाँधी जी और विवेकानंद जी को नहीं देखा है उन्हें इन दोनों महापुरुषों को जरूर देखना चाहिए और जो लोग पुनर्जन्म में विश्वास रखते हैं वो मेरी बातों का विश्वास करेंगे की दोनों लोग कही न कहीं उन दोनों लोगो के ही उत्तराधिकारी हैं. मुझे लगता है की ये मेरा परम सौभाग्य है की मै श्री अन्ना हजारे जी के द्वारा शुरू किये गए आमरण अनशन का हिस्सा बन पाया और वहां जा के एक सुखद अनुभूति हुई की हमारे देश में आज भी महापुरुषों की कमी नहीं है आज भी हमारी धरती उतनी ही परम पावन है जितनी पहले हुआ करती थी,पहले भी राक्षस थे और आज भी राक्षस हैं,आज उनका रूप बदला हुआ है, पहले सबको पता होता था की कौन राक्षस है लेकिन आज पता नहीं चलता की कौन राक्षस है और कौन सन्यासी.....मधु कोड़ा,लालू प्रसाद,राजा,शिबू सोरेन,मायावती इत्यादि ये कुछ उन्ही प्रकार के लोगों के नाम हैं.
अब मै मुद्दे की बात करता हूँ.....१७० लोग(साथ में हजारो लोग बिना आमरण अनसन के उनके sat श्री अन्ना हजारे जी के साथ कल(५.०४.२०११) से आमरण अनशन पे बैठे हुए हैं JAN LOKPAL BILL के लिए ये वो बिल है जो हमें एक तरह से पूर्ण आजादी दिला सकता है और भ्रस्टाचार के खिलाफ एक ऐतिहासिक कदम हो सकता है, लेकिन हमारी सरकार इस बिल को मानने के लिए तैयार नहीं है क्योंकि इस बिल में साफ़-२ लिखा हुआ है की ६ महीने से १ साल के भीतर किसी भी तरह की शिकायत का निवारण होगा और जितना हर्जाना होता है सरकार का, वो दोषी से वसूला जायेगा.अब यहाँ मुझे ये नहीं में समझ में आता की इसमें सरकार को क्या परेशानी है अगर उनका दामन साफ है तो इससे अच्छा बिल हो ही नहीं सकता और अगर नहीं है तो फिर तो सोचने वाली बात है की हम ऐसे लोगों को वोट क्यूँ देते हैं. अब कल्पना कीजिये अगर ये बिल पहले होता तो लालू जी ने जो चारा खाया उसे उन्हें निगलना पड़ता,कोड़ा जी जो १००० करोड़ का गबन कर गए उन्हें भरना पड़ता,और जो राजा ने १,७६,००० करोड़ रुपये मिलकर बाट लिए वो उन्हें वापस देना पड़ता,लेकिन हमारी सरकार ये नहीं चाहती क्योंकि सरकार ही उन्ही लोगों की वजह से चल रही है.
वहां मेरी मुलाकात हुई श्री सुभास मानव जी से जो की सुल्तानपुर से चल के आये हैं आमरण अनशन के लिए ,बिलकुल युवा ,आँखों में उत्साह.मन में विश्वास .मैंने उनसे पूछा की आप उतनी दूर से चल के आये हैं आखिर वो क्या चीज है जो आपको प्रेरित करती है वहां से यहाँ आने के लिए ...उन्होंने कहा की मुझे ये धरती प्रेरित करती है, तिरंगा प्रेरित करता है ,उन शहीदों का दिया हुआ बलिदान प्रेरित करता है जिनकी वजह से आज हम खुली हवा में सास ले रहे हैं.....अब मेरा सवाल आप लोगों से है की क्या हमें ये सब प्रेरित नहीं करता है,अगर आपका जवाब नहीं है तो कोई बात नहीं लेकिन अगर आपका जवाब हाँ है तो श्री अन्ना हजारे जी के इस आमरण अनशन का सहयोग दीजिये और जो भी अपनी तरफ से कर सकते हैं वो कीजिये क्योंकि इससे बेहतर मौका नहीं आने वाला है..... और अगर आप लोग एक दिन का समय निकल सकते हैं तो जंतर मंतर जाईये ये जरूरी नहीं है की आप पुरे दिन के लिए जाये २ घंटे के लिए जाईये १ घंटे के लिए जाईये लेकिन जाईये जरूर.....आज मौका है हमारे पास और अगर आज इस मौके को नहीं भुनाया तो बाद में हमारे पास ड्राइंग रूम में बैठ के सरकार को कोसने के अलावा कुछ नहीं बचेगा और पता नहीं कितने मधु कोड़ा,मायावाती,राजा,और लालू जैसे लोग पैदा होते रहेंगे. अगर आप कहीं दूसरे सहर में हैतो आप इस मोबाइल नंबर पर मिस कॉल करके अपनी उपस्थिथि दर्ज करा सकते हैं -०९७१८५००६०६ या इस वेबसाइट पर क्लिक करके अपनीं उपस्थिथि दर्ज करा सकते हैं-www.indiaagainstcorruption.org. मुझे ये पता है की सब लोग अपने-२ जॉब और ब्यवसाय में मशगूल हैं लेकिन फिर भी थोडा सा समय निकालिए इस देश के लिए भी अपनी आने वाली पीढ़ी के लिए भी.

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