गुरुवार, 28 अप्रैल 2011

कलमाड़ी !!!



आखिर सीबीआई ने कलमाड़ी को पकड़ ही लिया 
और ये सब देख के कांग्रेस ने भी पार्टी के हर पद से उन्हें हटा दिया
अब सीबीआई उनको लेके पूछताछ शुरू करेगी 
हर खरीद फ़रोख्त से सम्बंधित सवाल  करेगी
फिर कलमाड़ी का ब्लड प्रेसर ऊपर निचे हो जायेगा
और  इस बीच कुछ और लोगो का नाम भी इसमे आएगा 
शीला,सोनिया और मनमोहन भी शक के दायरे में आयेंगे
थोड़े दिन हर न्यूज़ चैनल पर यही लोग छाएंगे |

फिर सीबीआई कलमाड़ी को लेके शक के घेरे में आएगी
और न चाहते हुए भी जाच में अधिक से अधिक समय लगाएगी
इसी बीच मुख्य विपक्षी पार्टी इस मुद्दे को लेकर बवाल मचाएगी
लेकिन उनके कुछ नेतावों के नाम आ जाने से अपने कदम पीछे हटाएगी  
थोड़े दिन बाद देश की जनता भी सब भूल जाएगी 
और अपना ध्यान नए घोटालो पे लगाएगी
अब जनता बेचारी भी क्या करे
लालू-चारा,फर्नांडिस-कफ़न,अशोक चौहान-आदर्श ,क्या-२ याद रखेगी |

फिर ये केस फास्ट ट्रैक कोर्ट  में जायेगा 
और आने वाले ५ सालों में इसका फैसला आएगा
की सबूतों के अभाव में कलमाड़ी छोड़े जाते हैं 
सोनिया गाँधी,शीला दीक्षित,और मनमोहन क्लीन चिट पाते हैं 
अब इसमें क्या कर सकते है चन्दन 
जब ऐसा ही है अपने देश का कानून
न चाहते हुए भी रोकना पड़ेगा अपना जूनून |





आख़िरकार एक बार फिर सीबीआई ने दिखा दिया की वो सरकार के हाथ की कठपुतली है,सीबीआई ने कलमाड़ी को पूरा समय दिया अपने द्वारा किये गए अपराधो के साक्ष्य हटाने के, हालाँकि वो बीच-२ में दिखावे के लिए छापे मारती रही और कई बार पूछताछ के लिए भी बुलाया.कई बार बहुत दुःख होता है की आखिर ये कैसी सरकार  है?आखिर ये चाहती क्या है? क्या ये सब जानबूझ के हो  रहा  है या  फिर  अनजाने  में? सीबीआई उस आदमी को पकड़ने में इतना समय लगा रही है जिसके बारे में सर्वविदित है की वो एक भ्रष्ट आदमी है और वो कई घोटालों में सहभागी रहा है.
राजा के प्रकरण के बाद सरकार नहीं  चाहती थी की उसकी पार्टी का कोई और आदमी पकड़ा जाये विधानसभा चुनाव के पहले,अब जब चुनाव समाप्ति की ओर हैं तो सीबीआई ने कलमाड़ी को गिरफ्तार कर लिया  ओर ये दिखाने की कोशिश की सीबीआई अभी बिल्कुल  पंगुल नहीं है.....ओर सही मौका देखकर कांग्रेस ने भी कलमाड़ी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया.
यहाँ दो प्रकरण की ओर बात करना चाहूँगा ......पहली ये की राजा जो की एक दलित परिवार से हैं आखिर इतनी संपत्ति के मालिक कैसे हुए ,ओर अगर गलत ढंग से हुए तो  उसकी सजा क्या है?क्या सीबीआई में इतना दम है की वो इतने सबूत दिखा पायेगी? ओर अगर दिखा भी लेती है तो क्या उसको इतने लम्बे चलने वाले कोर्ट केस में बचा के रख पायेगी?

दूसरी बात बहन जी से सम्बंधित है वो भी दलित परिवार से हैं ओर आज १ अरब रुपये से ज्यादा की सम्पति की मालकिन है ओर सीबीआई उनकी भी जाँच कर रही  है.अब सवाल ये उठता है की आखिर ये पता लगाने में की उनके पास इतने पैसे कहाँ से आये ५ साल से ज्यादा का समय लग जाता है,अगर तरीका सही है तो क्लीन चिट दे वरना ऐसे लोगो को अन्दर करे .......अगर हमारा कानून इतना पंगु है तो इसे बदलने की जरुरत है,नहीं तो पता नहीं कितने राजा ओर रानी पैदा होते रहेंगे ओर गरीबो का हक़ खाते रहेंगे.

हमारी सरकार अबू सलेम का पर्त्यर्पण करा के अपनी पीठ खुद थपथपाती है की उन्होंने एक कुख्यात आतंकवादी को पकड़ लिया ......अब कोई उनसे पूछे की आखिर इसकी जरूरत क्या थी ,क्योंकि पिछले ३ सालो में सरकार ने कम से कम 20 करोड़े  रुपये से ज्यादा खर्च किये हैं इस आदमी की सुरक्षा ओर सुनवाई में ओर उसका नतीजा ये है की उसके खिलाफ सारे सबूत मिटते जा रहे हैं ओर थोड़े दिनों बाद अबू सलेम आजमगढ़ के किसी विधानसभा सीट से चुनाव लडेगा ओर विधानसभा को गौरवानित करेगा.अब अगर हमारा कानून इतना ही बेकार ओर सडा हुआ है तो अबू सलेम को वहीँ रहने देते यहाँ ला के इतने पैसे खर्चने की क्या जरूरत है.

चलिए भगवान करे की सरकार को सद्बुद्धि दे ओर इन पापियों का नाश करे..........वैसे लिखने को तो बहुत लिखा जा सकता है लेकिन क्या करे अपना ही मन कुंठित होता है इन सब बातो से, कलमाड़ी कांड पे दो लाइन लिखी है की इस केस का नतीजा क्या होगा , आपके सामने पेश कर रहा हूँ पसंद आये तो अपने विचार दीजियेगा ओर अगर गलतियाँ हो तो अपने सुझाव दीजियेगा.................................




चन्दन सिंह




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