गुरुवार, 19 अप्रैल 2012

भारत-पाकिस्तान !!!!




ऐ  खुदा ,भगवान  इन नासमझ लोगों को थोड़ी सी अकल दे
की ये देश दुनिया की सीमाओं  से हट के भी कुछ सोच पायें |
कितना संघर्ष करके आदमी अपना घरोंदा बनाता है 
उसे  पल भर में गिरा के ये  अपने को मसीहा समझ लेते हैं |
आखिर न जाने कब ये सिलसिले थमेंगे
सियाचिन में ना तो वो  ना हम मरेंगे
कब आएगी सद्बुद्धि हमारे हुक्मरानों में
की वो आम आदमी के जीवन के मूल्य को  समझ पाएंगे |
ऐ  खुदा ,भगवान  इन नासमझ लोगों को थोड़ी सी अकल दे..................

गरीबी ,भुखमरी
भ्रस्टाचार के चंगुल में फसे हुए हैं दोनों
कितनी शर्म की बात है 
शिक्षा पे कम शुरक्षा  पे खर्च करते है ज्यादा दोनों 
दोनों देशों में करोडो  लोग बिना खाए-पिए  सो जाते हैं
तो कितने ऐसे है जो सडको पे जीवन बिताते हैं 
लेकिन हुक्मरानों को इसकी चिंता कहाँ है
उन्हें तो मिसाइल  और बम  चाहिए
की वो कुछ और लोगों को भुखमरी और सड़क पे ला सकें 
ऐ  खुदा ,भगवान  इन नासमझ लोगों को थोड़ी सी अकल दे.....................

उम्मीद  करते हैं की नया सवेरा एक दिन आएगा
प्यार,अमन,चैन दुबारा छाएगा 
हम जमीनी सीमाओं से रिश्तों को नहीं परखा करेंगे
रंग-भेद को भूल आदमी की इज्जत करेंगे
अपने जवानों की जिंदगी के खातिर 
ऐसे कितने सियाचिन को न्योछावर कर देंगे |
ऐ  खुदा ,भगवान  इन नासमझ लोगों को थोड़ी सी अकल दे.....................

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