साथ संगिनी बनके
तुमने दुःख हर लिया
ओ मेरे जीवनसाथी
तुम्हे कैसे कहूं शुक्रिया ॥
बाधाएं थी
मुस्किले थी
अंधकार था रास्तो में
बन दीपक तुमने
उजाला कर दिया
ओ मेरे जीवनसाथी
तुम्हे कैसे कहूं शुक्रिया ॥
गुजरे दो सालों में
तुम्हारे स्नेह
तुम्हारे प्रेम ने
जीवन बदल दिया
ओ मेरे जीवनसाथी
तुम्हे कैसे कहूं शुक्रिया ॥
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