कितनी मधुर
कितनी सरल
कितनी पावन और विरल
बोली में प्यार लुटाती भाषा
ऐसी है हमारी हिंदी
और ऐसी है हमारी हिंदी भाषा....
अंग्रेजी और मंडारिन के बाद सबसे ज्यादा बोली जाती है
उंच-नीच का कोई भेद नहीं सबपे प्यार लुटाती है
शब्दों में है इतना मीठापन की चीनी भी फीकी हो जाती है
क्या हिन्दू क्या मुस्लिम सबके मुह से हिंदी बोली जाती है
लेकिन आज के इस नए दौर में न जाने क्यूँ लोग हिंदी बोलने में शरमाते हैं
modern बनने के चक्कर में अंग्रेजी बोलते पाए जाते हैं |
पूरा बॉलीवुड हिंदी में फिल्मे बनाता है
और उन्ही फिल्मो की वजह से घर का चूल्हा -चौका चलाता है
फिर भी न जाने क्यूँ हिंदी बोलने में शर्माता है |
फिर भी न जाने क्यूँ हिंदी बोलने में शर्माता है |
हमारे सारे अभिनेता और अभिनेत्री हिंदी की खाते हैं
लेकिन अंग्रेजी में बतियाते हैं
क्या पीड़ा है उनकी ये तो वो ही जाने
हम तो हैं हिंदी के दीवाने -२
आओ आज हिंदी दिवस पे मिलके कसम खाते हैं
हिंदी को विश्व भर में फैलाते हैं........................... ................
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