गुरुवार, 27 फ़रवरी 2014

जीवन !!

हर वक्त एक सा नहीं होता 
हर चोट से जख्म नहीं होता 
रिश्ते प्यार और विस्वास से चलते हैं 
वरना रिस्तो का कोई मतलब नहीं होता ॥

जीने का मतलब साँसे नहीं है 
मरने का अहसास लाशे नहीं है 
जीने वाले तो इज्जत से जीते है 
वरना मर -मर के जीने वालोँ का कोई मंजर नहीं होता ॥ 

तमन्नाओ का आशियाना हो 
उसमे अपनो का आना जाना हो 
फुरसत से बैठ दो पल बतियाना हो 
कुछ सुनना कुछ सुनाना हो 
वरना इट और रोड़ो का घर शामियाना नहीं होता ॥ 

जिंदगी जितनी भी हो 
सुख-चैन की हो 
इज्जत, सुकून हो 
दिखावे कि ना हो 
वरना ज्यादा जीना भी जीना नहीं होता

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