सोमवार, 3 मार्च 2014

तुम

गर्व है
अभिमान है
तू ही मेरी जिंदगी
तू ही मेरी जान है
तू ही मेरी आशिक़ी
तू ही दिल
तू ही मेरा अरमान है ॥

तू ही तम्मना
तू ही आरजू
तू ही मीत
तू ही प्रीत
तू ही जीत
तू ही हार
तू ही सम्मान
और तू ही मेरा अरमान है ॥

दिन भी तू
रात  भी तू
इश्क़ भी तू
प्यार भी तू
जजज्बात भी तू
सम्मान भी तू
मेरा दिल और मेरी जान भी तू
दौलत भी तू
मजहब  भी तू
काशी  भी तू
मथुरा भी तू
गीता भी तू
कुरान भी तू
दिल भी तू
और जान  भी तू ॥
 


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