तुम्हारे मुख से पतिदेव सुनना
बिलकुल ऐसा लगता है
जैसे हिरन को कस्तूरी मिल गयी हो
लैला को मझनु
हीर को राँझा
रोमिओ को जूलिएट
कृष्णा को राधा
प्यासे को पानी
बूढ़े को जवानी
निर्धन को धन
मरते हुए को जीवन
असफल आदमी को सफलता
दुर्बल को सजगता
हारे को जीत
कुरूप को प्रीत
भक्त को भगवान
बेघर को मकान
दिलवाले को दुल्हनिया
प्रेमी को सजनिया
ऐसा है एहसास
तुम्हारे मुख से पतिदेव सुनने का ॥
बिलकुल ऐसा लगता है
जैसे हिरन को कस्तूरी मिल गयी हो
लैला को मझनु
हीर को राँझा
रोमिओ को जूलिएट
कृष्णा को राधा
प्यासे को पानी
बूढ़े को जवानी
निर्धन को धन
मरते हुए को जीवन
असफल आदमी को सफलता
दुर्बल को सजगता
हारे को जीत
कुरूप को प्रीत
भक्त को भगवान
बेघर को मकान
दिलवाले को दुल्हनिया
प्रेमी को सजनिया
ऐसा है एहसास
तुम्हारे मुख से पतिदेव सुनने का ॥
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