सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ
तुमको तिजोरी बना लूँ अपनी खुशियों कि
अपनी तमन्नाओ कि
और ये जीवन तुमपे वार दूँ ॥
तुम्हारे चेहरे कि मासूमियत
तुम्हारे चेहरे कि लालिमा
तुम्हारी आँखों कि मदहोशी
तुम्हारी प्यारी कोयल सी आवाज को सार बना लूँ
सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ ॥
वो तुम्हारी प्यारी बाते
वो हर रोज सपनो में कि मुलाकाते
वो तुम्हारा रूठना मनाना
वो तुम्हारा बचपना
इन सबको अपना दिलदार बना लूँ
सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ ॥
तुम्हारे दिन
तुम्हारी राते
तुम्हारी धड़कने
तुम्हारी साँसे
इन सब पे अपना अधिकार जमा लूँ
सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ ॥
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ
तुमको तिजोरी बना लूँ अपनी खुशियों कि
अपनी तमन्नाओ कि
और ये जीवन तुमपे वार दूँ ॥
तुम्हारे चेहरे कि मासूमियत
तुम्हारे चेहरे कि लालिमा
तुम्हारी आँखों कि मदहोशी
तुम्हारी प्यारी कोयल सी आवाज को सार बना लूँ
सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ ॥
वो तुम्हारी प्यारी बाते
वो हर रोज सपनो में कि मुलाकाते
वो तुम्हारा रूठना मनाना
वो तुम्हारा बचपना
इन सबको अपना दिलदार बना लूँ
सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ ॥
तुम्हारे दिन
तुम्हारी राते
तुम्हारी धड़कने
तुम्हारी साँसे
इन सब पे अपना अधिकार जमा लूँ
सोचता हूँ क्या तुम्हे उपहार दूँ
इस जीवन को ही तुमपे वार दूँ ॥
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें