हर्षित है मन
घर जाने को
खेत-खलियान
बाग -बगीचो के बीच
अपनों संग
बतियानो और
खुशिया संग मनाने को ॥
मम्मी-पापा
नाना- नानी
भाई-बहन
संग समय बिताने और
खुशिया संग मनाने को ॥
वर्षो से इस दिन का इंतजार था
न जाने कितना मनुहार था
हम केस जीतेंगे
पापा टीचर बनेगे
रामायण होगा
घर बनेगा
घर सजेगा
सब जुटेंगे
सब मिलेंगे
ढोल नगाड़े बजेंगे
तिलक और शादी होगी
कोई नया घर मे आएगा
खुशियां लाएगा
ये सब सपना था
अब हकीकत है
मन हर्षित है उन्हे पाने को
खुशियां संग मनाने को ॥
जब से उनके आने कि सुगबुगाहट हुई है
तब से भाग्य का अँधेरा छटा है
खुशियां आने लगी हैं
दुःख जाने लगे हैं
मन हर्षित है उनको पाने को
खुशियां संग मनाने को ॥
घर जाने को
खेत-खलियान
बाग -बगीचो के बीच
अपनों संग
बतियानो और
खुशिया संग मनाने को ॥
मम्मी-पापा
नाना- नानी
भाई-बहन
संग समय बिताने और
खुशिया संग मनाने को ॥
वर्षो से इस दिन का इंतजार था
न जाने कितना मनुहार था
हम केस जीतेंगे
पापा टीचर बनेगे
रामायण होगा
घर बनेगा
घर सजेगा
सब जुटेंगे
सब मिलेंगे
ढोल नगाड़े बजेंगे
तिलक और शादी होगी
कोई नया घर मे आएगा
खुशियां लाएगा
ये सब सपना था
अब हकीकत है
मन हर्षित है उन्हे पाने को
खुशियां संग मनाने को ॥
जब से उनके आने कि सुगबुगाहट हुई है
तब से भाग्य का अँधेरा छटा है
खुशियां आने लगी हैं
दुःख जाने लगे हैं
मन हर्षित है उनको पाने को
खुशियां संग मनाने को ॥
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