गुरुवार, 24 जुलाई 2014

दुनिया!!!

दुनिया जल रही है
धर्म के नाम पे
इस्लाम पे
जिहाद पे
हर तरफ मचा कत्लेआम है
न जाने क्यों आदमी इतना बदनाम है   ॥

कितने बेगुनाह
रोज दफ़न हो रहे हैं
शिया-सुन्नी की लड़ाई में
कफ़न हो रहे हैं
हर तरफ मचा कत्लेआम है
न जाने क्यों आदमी इतना बदनाम है   ॥


जिधर नजर दौड़ाओ
चीख और चीत्कार है
सीरिया से लेकर इराक तक
हर तरफ मचा हाहाकार है
हर तरफ मचा कत्लेआम है
न जाने क्यों आदमी इतना बदनाम है   ॥


चन्दन -२४/०७/२०१४ 

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