तुम्हारे चेहरे कि उदासी
मुझे बिलकुल नहीं भाती है
तुम्हारी हंसी मुझे जन्नतों कि सैर कराती है
चाहता हूँ तुम हसती रहो
मुस्कुराती रहो
मुश्किलो में भी खिलखिलाती रहो
ख़ुशी ही ख़ुशी हो
न कोई गम हो
मेरे सनम पे ना कोई सितम हो
तुम्हारी हर आरजू पूरी हो
न कोई तम्मना अधूरी हो
मै तुम्हारी तम्मनाओ पे खरा उतारू
तुम्हारे लिए ही जियु
तुम्हारे लिए ही मरू
बिना किसी छल कपट के तुम्हे प्यार करू
दुलार करू
अपनी पलकों पे बिठा निहारा करू
हर वो ख़ुशी दूँ जिसकी तुम्हे तम्मना हो
अब हमें संग जीना और संग मरना है
तुम्हारे चेहरे कि उदासी
मुझे बिलकुल नहीं भाती है॥
मुझे बिलकुल नहीं भाती है
तुम्हारी हंसी मुझे जन्नतों कि सैर कराती है
चाहता हूँ तुम हसती रहो
मुस्कुराती रहो
मुश्किलो में भी खिलखिलाती रहो
ख़ुशी ही ख़ुशी हो
न कोई गम हो
मेरे सनम पे ना कोई सितम हो
तुम्हारी हर आरजू पूरी हो
न कोई तम्मना अधूरी हो
मै तुम्हारी तम्मनाओ पे खरा उतारू
तुम्हारे लिए ही जियु
तुम्हारे लिए ही मरू
बिना किसी छल कपट के तुम्हे प्यार करू
दुलार करू
अपनी पलकों पे बिठा निहारा करू
हर वो ख़ुशी दूँ जिसकी तुम्हे तम्मना हो
अब हमें संग जीना और संग मरना है
तुम्हारे चेहरे कि उदासी
मुझे बिलकुल नहीं भाती है॥
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