सोमवार, 3 मार्च 2014

तुम

हर एक दर्द कि दवा हो
तुम इश्क़, प्यार और दुआ हो
जिसे मैंने सपनो में देखा
जिसे मैंने खाव्बो में चाहा
वही खूबसूरत स्वप्न हो तुम ॥

आशाओं कि डोर हो
कल्पना कि उड़ान हो
तुम चंद्रमा कि चादनी
सूर्य कि लालिमा
सुन्दर सुशिल और विद्वान हो
हर एक दर्द कि दवा हो
तुम इश्क़, प्यार और दुआ हो ॥

राजा  के मुकुट का ताज हो
गरीब कि लाज हो
मेरे जीवन कि आस हो
तुम पुष्प सी कोमल
हसीं और लाजवाब हो
हर एक दर्द कि दवा हो
तुम इश्क़, प्यार और दुआ हो ॥


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